कीमत से शुरुआत करें
प्रेडिक्शन मार्केट में ट्रेडिंग का मतलब है किसी नतीजे की संभावना के अपने अनुमान की तुलना उसके कॉन्ट्रैक्ट की कीमत से करना। कोई नतीजा आने की संभावना ज़्यादा हो सकती है, फिर भी उसके कॉन्ट्रैक्ट की कीमत ज़रूरत से अधिक हो सकती है। पेशेवर अनुमानकर्ता बाज़ार के ऑड्स और अपने आकलन के बीच अंतर तलाशते हैं।
गलत कीमत वाले ऑड्स पहचानना
भावनाएँ और सोच में पक्षपात बाज़ार की कीमतों को डेटा से मिलने वाले संकेतों से दूर ले जा सकते हैं। उदाहरण के लिए, राजनीतिक बाज़ारों में समर्थक अपने पसंदीदा उम्मीदवार के कॉन्ट्रैक्ट के लिए ज़रूरत से ज़्यादा पैसे दे सकते हैं। पेशेवर ट्रेडर कीमतों की तुलना सांख्यिकीय मॉडल से करके ट्रेडिंग में बढ़त तलाशते हैं।
कुछ पैटर्न कीमत में गलती का संकेत दे सकते हैं:
- हाल की घटनाओं को ज़्यादा अहमियत देने के कारण ट्रेडर ताज़ा खबरों पर ज़रूरत से ज़्यादा प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
- फ़ेवरेट-लॉन्गशॉट बायस के कारण अधिक संभावना वाले नतीजों की कीमत कम और कम संभावना वाले नतीजों की कीमत ज़्यादा हो सकती है। यह हर बाज़ार में भरोसेमंद संकेत नहीं है।
- लिक्विडिटी कम होने पर एक बड़ा ट्रेड भी छोटे बाज़ार की कीमत को कुछ समय के लिए बदल सकता है, जिससे छोटे ट्रेडरों को मौका मिल सकता है।
विशेषज्ञ जानकारी के आधार पर ट्रेडिंग
इन्फ़ॉर्मेशन आर्बिट्राज का मतलब है नई जानकारी का पूरा असर बाज़ार की कीमतों में आने से पहले कॉन्ट्रैक्ट खरीदना। उदाहरण के लिए, किसी नियामक व्यवस्था या मौसम के पैटर्न की विशेषज्ञ जानकारी से आप दूसरे ट्रेडरों से पहले खबरों का मतलब समझ सकते हैं।
सेटलमेंट का समय तय करता है कि पैसा कितने समय तक लगा रहेगा। जल्दी सेटलमेंट से पैसा जल्दी मिल सकता है, लेकिन ज़्यादा रिटर्न की गारंटी नहीं होती। फ़ीस, नुकसान और अगला अच्छा ट्रेड मिलने की संभावना भी मायने रखती है।
जोखिम सँभालना
पूरा भरोसा होने पर भी अनुमान गलत हो सकता है। केली फ़ॉर्मूला अनुमानित संभावनाओं और भुगतान के आधार पर पोज़िशन का आकार तय करने का गणितीय तरीका है। अनुमान गलत हों, तो निकला हुआ आकार ज़रूरत से बड़ा हो सकता है; फ़ॉर्मूला पैसे खोने का जोखिम खत्म नहीं करता।
अपने जोखिम को सँभालने की आदतें
- जितना नुकसान सह सकते हैं, उससे ज़्यादा पैसा कभी न लगाएँ।
- अपना जोखिम ऐसे बाज़ारों में बाँटें जिनका एक-दूसरे से संबंध न हो। एक ही चुनाव से जुड़े कई कॉन्ट्रैक्ट रखने पर भी आप एक ही नतीजे पर निर्भर रह सकते हैं।
- हर ट्रेड का रिकॉर्ड रखें और बाद में अपने तर्क की समीक्षा करें। लिखें कि कौन-सी बातें सही साबित हुईं और कहाँ आप गलत थे।
कारोबारी जोखिम की हेजिंग
कारोबार किसी खास नतीजे से होने वाली लागत की भरपाई के लिए प्रेडिक्शन मार्केट का इस्तेमाल कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर निर्भर कोई कंपनी प्रस्तावित आयात शुल्क पर “हाँ” वाले कॉन्ट्रैक्ट खरीद सकती है। अगर शुल्क लागू होता है, तो कॉन्ट्रैक्ट से मिलने वाली रकम कंपनी की बढ़ी हुई लागत की भरपाई में मदद कर सकती है।